24 रुपये की ‘एक चाय’ (24 Rupaye Ki ‘Ek Chai’)
₹160.00
- By: आरस (Aaras)
- ISBN: 9789376867936
- Price: 160/-
- Page: 100
- Size: 5×8
- Category: FICTION / General
- Language: Hindi
- Delivery Time: 07-09 Days
Description
About The Book
हम सभी ने कभी न कभी फ़िल्मों में ज़रूर देखा होगा कि कोई किरदार किसी मशीन की मदद से अपने अतीत में चला जाता है और न जाने कितनी चाही-अनचाही घटनाओं का सामना करता हुआ अपने आज में वापस लौट आता है। हमारा दिमाग़ भी किसी मशीन से कम नहीं। अगर चाहें, तो वर्तमान, भूत और भविष्य—तीनों की सैर करा दें। मगर यह चाहत हमारे दिमाग़ मात्र की कोशिश नहीं हो सकती, जब तक उसमें हमारे मन की मुहर न लगी हो। “24 रुपये की ‘एक चाय’” भी कुछ ऐसे ही दिमाग़ और मन, पूरे और अधूरे, और आज और कल के बीच की हम सबकी एक ऐसी ही आम-सी कहानी है, जिसकी ख़ासियत हम कभी ढूँढ़ने की कोशिश नहीं करते। पर कभी-कभी, न चाहते हुए भी, हम उसमें पूरी तरह डूब जाते हैं। हम सब एक ऐसे लंबे सफ़र में हैं, जो बस हमारे साथ ही खत्म होगा। यह कहानी भी आपको एक ऐसे ही सफ़र पर ले जाएगी—एक ऐसा सफ़र, जिसका हिस्सा आप कभी न कभी ज़रूर रहे होंगे।
लीजिए साहब,
आपकी एक प्याली चाय।
About The Author
भिलाई, छत्तीसगढ़ की मिट्टी में पनपे आरस हमेशा इस प्रयास में रहते हैं कि शब्दों में जीवन कैसे ढूँढा जाए। अपनी बात को गीतों के साँचे में ढालना और उन्हें संगीत के आभूषणों से सजाना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। आरस गीत-संगीत में भी काफी रुचि रखते हैं और ‘कीर्ति कनेंकर’ जी के पास शास्त्रीय संगीत की प्रारंभिक शिक्षा पूरी कर चुके हैं। वह पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और आज पुणे में अपनी पत्नी और बेटी के साथ सामान्य जीवन बसर कर रहे हैं। उन्होंने अपने अंदर उतरने के लिए कविताओं और कहानियों को अपना ज़रिया बनाया। https://aaraswrites.wordpress.com/ पर भी उनको पढ़ा जा सकता है। प्रेम के हर प्रारूप को लिखने और समझने की कोशिश उनकी लिखी गई कहानियों और कविताओं में देखी जा सकती है। 24 रुपये की ‘एक चाय’ की कहानी में वह अपने आप को ढूंढने का प्रयास करते हैं और इस कहानी में उनका कवि मन साफ झलकता है।







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