मृत्यु और मैं- जीवन, प्रेम और अनकहे शब्दों का एक सफर (Mrityu aur Main- Jivan, Prem aur Ankahe Shabdon ka ek Safar)

249.00

  • By: गंगा दक्षिणी (Ganga Dakshini)
  • ISBN: 9789376866724
  • Price: 249/-
  • Page: 161
  • Size: 5×8
  • Category: SELF-HELP / General
  • Language: Hindi
  • Delivery Time: 07-09 Days

Description

About The Book

कुछ बातें हम कह नहीं पाते, कुछ रिश्ते अधूरे रह जाते हैं और कुछ सवाल उम्र भर हमारे भीतर चलते रहते हैं। ‘मृत्यु और मैं’ इन्हीं अनकहे शब्दों, अधूरे अनुभवों और जीवन से जुड़े गहरे प्रश्नों की एक आत्मीय यात्रा है।

गंगा दक्षिणी की यह पुस्तक प्रेम, अकेलेपन, बिछोह, धर्म, सामाजिक मान्यताओं और मृत्यु के विचारों के माध्यम से मनुष्य के भीतर झाँकती है। कहीं यह वर्तमान को जीने की बात करती है, कहीं बिछड़ चुके लोगों की स्मृतियों को टटोलती है, तो कहीं दूसरों को सँवारते हुए स्वयं को खो देने पर सवाल उठाती है।

सरल भाषा और काव्यात्मक संवेदना में रचे ये आत्मचिंतन किसी अंतिम सत्य का दावा नहीं करते। ये पाठक को अपने अनुभवों, विश्वासों और रिश्तों पर ठहरकर विचार करने की जगह देते हैं। मृत्यु की चर्चा के बीच बार-बार जीवन सामने आता है—किसी से प्रेम जताने, क्षमा माँगने और मन की बात समय रहते कह देने की संभावना के साथ।

यह पुस्तक उन सभी के लिए है, जिन्होंने कभी किसी अपने को खोया है, किसी अधूरी कहानी को भीतर सँजोया है या जीवन की भागदौड़ में स्वयं से बात करना छोड़ दिया है।

शायद इन पन्नों में आपको अपने ही मन की कोई अनकही बात मिल जाए।

About The Author

गंगा दक्षिणी, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के एक उद्यमी हैं, जिनका मूल रुझान दर्शन, कविता और यात्राओं में है। मोटरबाइक पर तय की गई अपनी लंबी सोलो यात्राओं और ज़मीनी अनुभवों से उपजी यह पुस्तक उनकी पहली दार्शनिक कृति है।

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